आपने को ना खोजा सका
फिर मै ने उस को खोजा
पर आपने को ना खोजा सका
लाखों करोड़ों की
भीड़ मै अकेला ही खड
फिर मै ने उस को खोजा
पर आपने को ना खोजा सका ......
गुमशुद की तरहं
हर बार हर एक सै मीला
रती भर भी नहीं है मुझे गीला
ये गुल अकेला ही क्यूँ खीला
फिर मै ने उस को खोजा
पर आपने को ना खोजा सका .......
मंदिर मै घड्याल बजाये
मस्जीद मै आजान भी दी
गीरजघर मै मोमबती जलाई
गुरद्वारे मै पुकार भी की
फिर मै ने उस को खोजा
पर आपने को ना खोजा सका ......
कोई कहै अमीर है वो
कोई कहै गरीब है वो
मै ने कहा बड़ा बदनशीब है वो
जो तुझे ना खोज सका
फिर मै ने उस को खोजा
पर आपने को ना खोजा सका ......
कोई कहै राम है वो
कोई कहै रहीम है वो
को कहै फकीर है वो
जो उस के सबसे करीब है वो
फिर मै ने उस को खोजा
पर आपने को ना खोजा सका ......
मैने खोजा सब जगह
पर उस जगह ना खोजा
जिस जगह मोजुअद है वो
तन को खोजा मन को भुला
फिर मै ने उस को खोजा
पर आपने को ना खोजा सका ......
फिर मै ने उस को खोजा
पर आपने को ना खोजा सका
लाखों करोड़ों की
भीड़ मै अकेला ही खड
फिर मै ने उस को खोजा
पर आपने को ना खोजा सका ......
बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमी बद्री-केदारनाथ
कवी बालकृष्ण डी ध्यानी


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