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तराना दिल का

तराना दिल का 

याद आयेगा मुझे 
ओ हाथों से लटों को सुलझाना तेरा 
याद आयेगा मुझे 
ओ चुपके होलै से मुसकरना तेरा 
याद आयेगा मुझे 

खडी रही चोखट पर 
ओ देर से आना मेरा 
घबराते हुये सीमट जाना तेरा 
याद आयेगा मुझे 

चुराते हुये आँखों से देख देख कर 
इतराना तेरा 
छुटी सी आहाटे गम पर  
अश्कों मै डूब जाना तेरा 
याद आयेगा मुझे 

रात भर मोम सा 
पिघल जाना तेरा 
चाँद की तरहं  बदली से 
लुक छुप जाना तेरा 
याद आयेगा मुझे 

याद आयेगा मुझे 
ओ हाथों से लटों को सुलझाना तेरा 
याद आयेगा मुझे 
ओ चुपके होलै से मुसकरना तेरा 
याद आयेगा मुझे 

बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com
मै पूर्व प्रकाशीत हैं -सर्वाधिकार सुरक्षीत 




कवी बालकृष्ण डी ध्यानी 
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