बेटी- बावरी
एक एक ग्यारा मा
जेकोडी जी का गेडा मा
को भैर को घैर मा
सब सबैर सबैर माँ.......
डैर डैर डेरामा
मन्ख्युं का घेरामा
सप्नियुनो आंदी तो
काणी चक्र च्लान्दी तू
एक एक ग्यारा मा.........
हेरी हेरी तु
कण लगाणदी फैरी तु
सात जन्माणु संगी तु
केले हुये बैरी तु
एक एक ग्यारा मा.........
गढ़ देश की बावरी तु
कैंकी दीदी कैंकी भूली
कैंकी जी की राणी तु
बल कब बाणली रामी तु
एक एक ग्यारा मा.........
नारी तु भवानी तु
भगवती की आदी तु
पहाड़ की हे बेटी- बावरी
भली लगदी स्वाणीतु
एक एक ग्यारा मा.........
एक एक ग्यारा मा
जेकोडी जी का गेडा मा
को भैर को घैर मा
सब सबैर सबैर माँ.......
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
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मै पूर्व प्रकाशीत हैं -सर्वाधिकार सुरक्षीत
कवी बालकृष्ण डी ध्यानी


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