ADD

अभी तो


अभी तो 

अभी तो इधर ही था ...२ 
अभी तो उधर गया अभी अभी उधर गया 
ऐ गया.....ऐ दिल गया ...अभी तो इधर ही था ...२

नजर कसूर था आँखों का असर था 
धडक था सीने में तड़पा था उस कोने 
जो अब कीसी का था अब कीसी का हुआ 
ऐ गया.....ऐ दिल गया ...अभी तो इधर ही था ...२

रखा था अभी तक संभला सका इसे जब तक
हल्का सा इशारा दिल मेरा बेसहरा हुआ 
आ मिला तुझ से मुझ से ही बेवफा हुआ 
ऐ गया.....ऐ दिल गया ...अभी तो इधर ही था ...२

धीमा असर शुरू हुआ दिल मजबूर हुआ 
धडकता है तेरे सीने इस धड से बेदखल हुआ 
अजीबो गरीब मेल है क्या प्यार की रेल है 
ऐ गया.....ऐ दिल गया ...अभी तो इधर ही था ...२

अभी तो इधर ही था ...२ 
अभी तो उधर गया अभी अभी उधर गया 
ऐ गया.....ऐ दिल गया ...अभी तो इधर ही था ...२

एक उत्तराखंडी 
बालकृष्ण डी ध्यानी 
देवभूमि बद्री-केदारनाथ 
मेरा ब्लोग्स 
http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com 
मै पूर्व प्रकाशीत हैं -सर्वाधिकार सुरक्षीत

बालकृष्ण डी ध्यानी
Reactions

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ