लिक्दा रौंलू
देर-अबैर
सौन्गों बाटों कु फेर
कैल सरेन ये कैर
उकाळु ऊंदरु कु घेर
बोळ गेल्या कया करेलू तू
बोळ कया करेलू तू
लिक्दा रौंलू लिक्दा रौंलू
जो सिंयां छिन ऊँ थे उठलु
बिसयां गदन्या
रोल्युं मा ढून्गू गारों नि घैल
उजाडा डंडा कांडा
कबि छ्या यूँ कि यख देल-फ़ैल
अब हरच्यु छो ये
हर बाटू माँ अब ये फेल
बोळ गेल्या कया करेलू तू
बोळ कया करेलू तू
लिक्दा रौंलू लिक्दा रौंलू
जो गयां दूर ऊँ थे बॉडी लोन्लो
टिहरी डूबी गै
प्रताप नगर कि निच खैर
केदार मा ऐ विपदा
माँ धारी कु बोगी गै थान
उत्तराखंड सरकार
हमारी बण खड़ी रेगे लाचार
बोळ गेल्या कया करेलू तू
बोळ कया करेलू तू
लिक्दा रौंलू लिक्दा रौंलू
ओं का वोटो ऊँ थे दियूंळु जो पाड़ा बाण सोचला
देर-अबैर
सौन्गों बाटों कु फेर
कैल सरेन ये कैर
उकाळु ऊंदरु कु घेर
बोळ गेल्या कया करेलू तू
बोळ कया करेलू तू
लिक्दा रौंलू लिक्दा रौंलू
जो सिंयां छिन ऊँ थे उठलु
एक उत्तराखंडी
बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com
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बालकृष्ण डी ध्यानी


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