गीत गानू मी ये बाँझ डण्डों की
रडदा मनख्यूं की हेरदा अंन्ख्युं की
हरच दा अपरुँ की डुब दा दाणियों की
गीत गानू मी ये बाँझ डण्डों की.... २
आँखों माया की टक्कों काया की
धैये लगै गिची की बाटा हेटे खुठी की
गीत गानू मी ये बाँझ डण्डों की.... २
बैयठला पहड़ों की न्हना घारों की
बिस्या दा गद्नियुं की उजाडया सारियूं की
गीत गानू मी ये बाँझ डण्डों की.... २
बांदर सुंघरूं की उत्त्पात गुलदारों की
भूकी पोट्गी की हर्ची गे कुछैलि की
गीत गानू मी ये बाँझ डण्डों की.... २
सीं सरकार की बिसरी राजधानी की
वों शहीदों की ये मेरा उत्तराखंड की
गीत गानू मी ये बाँझ डण्डों की.... २
अखरा दा विकासा की टूट दा धागा की
बुज्दा विस्वास की वै आत्म साथा की
गीत गानू मी ये बाँझ डण्डों की.... २
रडदा मनख्यूं की हेरदा अंन्ख्युं की
हरच दा अपरुँ की डुब दा दाणियों की
गीत गानू मी ये बाँझ डण्डों की.... २
एक उत्तराखंडी
बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com
में पूर्व प्रकाशित -सर्वाधिकार सुरक्षित
बालकृष्ण डी ध्यानी


0 टिप्पणियाँ