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अपरी तिबरी डांड्याली


अपरी तिबरी डांड्याली

अपरी तिबरी डांड्याली
मा तू ऐजा
सुरुक ऐकी
सिन्कोली निरजक
तू सैजा

झक्क झौं
ई दुनिया मा
त्यागी दे तू
सब मोह माया
ये मा अटकी
बल कैल कया पाया

अपरी तिबरी डांड्याली
मा तू ऐजा
सुरुक ऐकी
सिन्कोली निरजक
तू सैजा

सब कुच
यखी च
वख कुच बी
नि च तेरु
अपरा मा मिसणा कु
सब छोड़ी ऐजा

अपरी तिबरी डांड्याली
मा तू ऐजा
सुरुक ऐकी
सिन्कोली निरजक
तू सैजा

खुद लगी व्हाली
वख ते थे यकुली
मिथे यख
तेर बडुळि लागि
कैल कया कण
सब किस्मत का फेर

अपरी तिबरी डांड्याली
मा तू ऐजा
सुरुक ऐकी
सिन्कोली निरजक
तू सैजा

एक उत्तराखंडी

बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
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बालकृष्ण डी ध्यानी
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