ऐग्याई मेरो मेरो रैबार अ
ऐग्याई मेरो मेरो रैबार अ
मेरा डंडा कंठों- कंठों को पियार अ ये
तिस्सलू व्हैगे ऐबार मेरो नैनीताल-मसूरी
बरखा नि पौड़ी ना ह्युंद ही बौडी ऐ बार ये
प्रताप बी रैगे ऐबार बी रीता
नि बणी वैंकू डोबरचांटी को पूल ये
देरा ना बणी ना बणी गैर बी अबै तक
रह्ग्याई असमंजस किलै ये सरकार ये
यौजना बणणी भंडया जोर-शोर दगडी
वैकी असर किलै नि देख्णु च मेरो पहाड़ ये
ऐई ऐ मी थै ऐ रैबार अब त ऐजावा अब अपरा घारा
कु बी नि कुछ कनु बस बस एक दूजै मुख थे हेनु ये
बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
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बालकृष्ण डी ध्यानी


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