मेरी भानुअली .मेरी भानुअली
तै कन कया कया नि कायी
घर बार सारी पुन्गाड़ी बलाद बेच दयाई
डंडी कंडी रोल्युओं खोजन्यू रहई
मी बोल्या बनीगयी मी बोल्या बनीगयी
मेरी भानुअली .मेरी भानुअली
खरक का दिन औंज्यों की रात अ
मयारू जीकडो च्या उधास अ
सारा बैठी मी बट्टी हेए भानु
तयरी मुखडी मील नी देखी आज
मेरी भानुअली .मेरी भानुअली
अब त्यरू मयारू साथ हेए भानु
तील केल्याई नी के मेरे संग बात
रूठी गे छुचि की बात मा मेरी
ब्युओली बनी की छुड़ीगये मेरु साथ
मेरी भानुअली .मेरी भानुअली
राजी राय झाकी रायन हेए भानु
मेरु क्य दोई दिन की बात
देख न यख क बाटा ये मेर भनुली
डंडी कंडी रुल्यों का छाला मेरा बस्सा
मेरी भानुअली .मेरी भानुअली
तै कन कया कया नि कायी
घर बार सारी पुन्गाड़ी बलाद बेच दयाई
डंडी कंडी रोल्युओं खोजन्यू रहई
मी बोल्या बनीगयी मी बोल्या बनीगयी
मेरी भानुअली .मेरी भानुअली
कवी बालकृष्ण डी ध्यानी


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