मैने मुझ को खोया (मुंबई ब्लास्ट )
मेरा मन आज बहुँत रोया
मुंबई धमाकों मैने अपने को खोया
गिरती रही अश्कों की बूंदें
अपने शव को मैने खुद ही ढ़ोया
मेरा मन आज बहुँत रोया ....
कर न सका मै कुछ भी
कोछ पल मै ही ये हो गया
बना एक धमाका मै
सैकड़ों जखम छौड़ गया
मेरा मन आज बहुँत रोया ....
सरकार मुक देखती रही
मंत्री हरे हरे से लगे
अपनों ने गले लगया मुझे
गैरों नै आज फिर उठया
मेरा मन आज बहुँत रोया ....
सहस देखन है मुंबई का
माँ मुंबा होगा क्या साथ
आयेगी क्या उन्हे चेतना
जो नपोशंक बने आज
मेरा मन आज बहुँत रोया ....
लाशों को देखकर तुम्हे
आती नहीं अपनो की याद
जिनके घर का चुलाह
कीसी ने बुझा दिया आज
मेरा मन आज बहुँत रोया ....
कब मेरी मात भूमी
आतंक होगी आजाद
कब आयेगा ओ सवेरा
कब होगी इस की शुरवात
मेरा मन आज बहुँत रोया ....
मेरा मन आज बहुँत रोया
मुंबई धमाकों मैने अपने को खोया
गिरती रही अश्कों की बूंदें
अपने शव को मैने खुद ही ढ़ोया
मेरा मन आज बहुँत रोया ....
नम आँखों से
बालकृष्ण डी ध्यानी
इस तरहां की घट्न का तीर्व शब्दूं मै विरोध करो सरकार को जागवु
कवी बालकृष्ण डी ध्यानी


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