फिर से बहार आयी है
फिर से चमन खिला है
फिर से माँ नै पुकारा है
अब फैसला तुमहरा है
फिर से चमन खिला है
फिर से माँ नै पुकारा है
अब फैसला तुमहरा है
मै उत्तराखंड आप को बुला रहा हूँ कब आओगे ?
कवी बालकृष्ण डी ध्यानी
Balkrishna dhyani
जुलाई 16, 2011
देहरादून
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