आजादी और मेरी इण्डिया
अटखेली लेती मेरी इण्डिया
आज़ादी का जश्नन मनाती मेरी इण्डिया
चोसाठवी साल की हो गई मेरी इण्डिया
उतसाह और हर्ष डूबी मै मेरी इण्डिया
क्या ये सच है बस प्रकश का रूप देखती मेरी इण्डिया
अंधेर को दूर कोने मै क्यों छुपाती मेरी इण्डिया
दर्द के लहमै मै क्यूँ सहम जाती मेरी इण्डिया
बस कुछ भी हो शांती का पाट पड़ती मेरी इण्डिया
चोसाठवी साल की हो गई मेरी इण्डिया उतसाह और हर्ष डूबी मै मेरी इण्डिया
दर्द अपने सीने मै दबाती मेरी इण्डिया
चेहरे पर सदा क्यूँ मुश्करती मेरी इण्डिया
जैसे को तैसे का पाट क्यूँ नहीं पड़ती मेरी इण्डिया
आपनी आवाज ही क्यों दबाती मेरी इण्डिया
चोसाठवी साल की हो गई मेरी इण्डिया उतसाह और हर्ष डूबी मै मेरी इण्डिया
रास्ते लैमप मै विद्याया ग्रहण करती मेरी इण्डिया
गरीबी की रेखा से हरदम झुज्ती मेरी इण्डिया
हर दिन नये घोटालों से अवगत होती रहती मेरी इण्डिया
भ्रस्ताचार को अखीर क्यों पनपाती मेरी इण्डिया
चोसाठवी साल की हो गई मेरी इण्डिया उतसाह और हर्ष डूबी मै मेरी इण्डिया
शहीदूँ शाहदत को क्यों नदरत करती मेरी इण्डिया
स्त्री की लल्जा को बीच बाजार क्यों उछालती मेरी इण्डिया
अपने ही लोगों को बम चीथडै देखकर चुप हो जाती मेरी इण्डिया
महंगाई की मार बारम्बार क्यों झेलती मेरी इण्डिया
चोसाठवी साल की हो गई मेरी इण्डिया उतसाह और हर्ष डूबी मै मेरी इण्डिया
चलो येसी इण्डिया बनाये धरतल का हम स्वर्ग बनया
हर एक देश का मन ललचाये चलो इसे हम स्वर्ग बनया
फिर इसे कोई छुना पाये चलो इसे हम स्वर्ग बनया
सब जन मील कर आये चलो खुशालह हिन्दुस्तान बनाये
चोसाठवी साल की हो गई मेरी इण्डिया उतसाह और हर्ष डूबी मै मेरी इण्डिया
अटखेली लेती मेरी इण्डिया
आज़ादी का जश्नन मनाती मेरी इण्डिया
चोसाठवी साल की हो गई मेरी इण्डिया
उतसाह और हर्ष डूबी मै मेरी इण्डिया
बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमी बद्री-केदार नाथ


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