मै हों तेरे पास
टूटने लगे रीश्ते
बिगड़ ने लगे बात
कर ले मुझे याद
मै तेरे आसपास
खोज आपना तन
छुड दे ये मोह बन
रहता है तू बेचैन
लगता नहीं ये मन
कर ले मुझे याद
मै तेरे आसपास
बीच मजधार तेरी नैया
गुड गुड गोता खाये
पड़ा मुशीबत मै फिर भी
तेरी माया तुझे भरमाये
कर ले मुझे याद
मै तेरे आसपास
एक दिन तुझ को आना
एक दिन तुझ को जाना
चीड्या रैन बसेरा है
फिर भी तेरा लाख बहाना
कर ले मुझे याद
मै तेरे आसपास
मेरे यंहा देर है
नहीं है अंधेर
देर सवेर ही सही
आयेगी तेरी बेल
कर ले मुझे याद
मै तेरे आसपास
आप तू समज
कीतना मे समजाओं
इस दुनिया का मोहा
कैसे मे छुडवआऊं
कर ले मुझे याद
मै तेरे आसपास
टूटने लगे रीश्ते
बिगड़ ने लगे बात
कर ले मुझे याद
मै तेरे आसपास
बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमी बद्री -केदार नाथ
कवी बालकृष्ण डी ध्यानी


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