संसार हम बसुला
मील जुलीकी रहोला
गीत प्रीती को लागूला
अपरी माया का हे गयेला (2)
संसार हम बसुला
मील जुलीकी रहोला ………………(2)
यी दुनिया मा माया लगे ना
अपुरी बात , बात ओं थाई पुरी बाते ना
ज्याद तू उन दगडी छुची हसेना
मेरी पत्री उन ना देखैना
मील जुलीकी रहोला ………………(2)
ये मेरी प्यारी तू रूठी ना रै
रूठा की तु कोनु लुकैना
अन्खोमा गीता बरखा तु लागेना
जेकडी अपुदी अब तु झुरैना
मील जुलीकी रहोला ………………(2)
मी थाई छुडी को तु गैना
प्रीत तेरी इन मंख्यु रहेना
भुरी यी आंखी काखक भैना
अब म्यार स्वामी तुम कब आयेना
मील जुलीकी रहोला ………………(2)
मील जुलीकी रहोला
गीत प्रीती को लागूला
अपरी माया का हे गयेला (2)
संसार हम बसुला
बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com
मै पूर्व प्रकाशीत हैं -सर्वाधिकार सुरक्षीत
कवी बालकृष्ण डी ध्यानी मेरा ब्लोग्स


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