ADD

ग्येलयाणी.................​.....................मेरी

ग्येलयाणी.................​.....................मेरी 

कखक गयाई ग्येलयाणी यूँ माया लगे की 
मेरु झीकुडी संग अपरू झीकुडी जुडे की 
कखक गयाई ग्येलयाणी.................​......

पिंगलाणी धुती मा क्या दन्द देखैदी 
मेरे संग ग्येलयाणी पुँडी बाजार घूमली 
कखक गयाई ग्येलयाणी.................​......

बुरंषा का फूल ऊँचा पहाड़ खीलैला 
तेरी मेरी ग्येलयाणी प्रीत लागेला 
कखक गयाई ग्येलयाणी.................​......

अब आई बसंत डंडयूं मा सावन छुडी की 
मी घार आयुं ग्येलयाणी ड्यूटी छुडी की 
कखक गयाई ग्येलयाणी.................​......

दूर डंडी मा ग्येलयाणी कोयाडी छा गये
अब मी थै म्युरु उत्तराखंड याद आईगे 
कखक गयाई ग्येलयाणी.................​......

कखक गयाई ग्येलयाणी छुंई अपुरी छुडी की 
मेरी उपरी मनख्युओं अपरी माया भुरी की 
कखक गयाई ग्येलयाणी.................​......

पुंगडी सरीयुं मा ग्येलयाणी धान बुतैला 
अब मेरी ग्येलयाणी हम संग रहऊंला
कखक गयाई ग्येलयाणी.................​......

जी नी लगदो ये ग्येलयाणी पहाड़ छुडी की
अब मी औंदो मेंरी घार बुडीकी 
कखक गयाई ग्येलयाणी.................​......

कखक गयाई ग्येलयाणी यूँ माया लगे की 
मेरु झीकुडी संग अपरू झीकुडी जुडे की 
कखक गयाई ग्येलयाणी.................​......

बालकृष्ण डी ध्यानी 
देवभूमी बद्री-केदारनाथ


कवी बालकृष्ण डी ध्यानी
Reactions

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ