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आम की डलीयुं मा

आम की डलीयुं मा

खेला झुम्पा झुम्पा .....(२)
आम की डलीयुं मा
हे दाद बंधी दे झुम्पा 
आम की डलीयुं मा
खेला झुम्पा झुम्पा . .....(२)

बालापण यादु कु 
दे देवा एक झुम्पा
ये जावा दीदी तुम भी 
खेलण को झुम्पा 
खेला झुम्पा झुम्पा ....(२)

दींण सर गैणी 
याद ओंकी की ऐणी 
पहाड़ों का बथों मा 
मारा हमुण जो झुम्पा
खेला झुम्पा झुम्पा ....(२)

खेली खेली बोई 
याद तेरी आयी 
एक बीरा भैण 
वींका सात भाई लगाण छा झुम्पा
खेला झुम्पा झुम्पा ....(२)

हीन्शोंला की बुंदी
ओ काफल कीन्गोड़ा
म्यरु गद देश 
आज लग्णु झुम्पा
खेला झुम्पा झुम्पा ....(२)

रामी बुराणी की तक 
तीलु रूंर्तैली का गाथा 
हमर साथ साथ 
आज लगाणी छे झुम्पा 
खेला झुम्पा झुम्पा ....(२)

खेला झुम्पा झुम्पा .....(२)
आम की डलीयुं मा
हे दाद बंधी झुम्पा दे 
आम की डलीयुं मा
खेला झुम्पा झुम्पा . .....(२)

शहर मा बांधु मील 
टाकों का झुम्पा
याद आणी मी थै 
वो आमों का झुम्पा 
खेला झुम्पा झुम्पा . .....(२)

बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com
मै पूर्व प्रकाशीत हैं -सर्वाधिकार सुरक्षीत 

कवी बालकृष्ण डी ध्यानी 
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