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जै राम जी


जै राम जी

जै राम जी की भै ! 
क्या हाल छन ..२
औ जै राम जी की भै ! 
क्या हाल छन
हल यख बड़ा बेहल छन दादा 
हल बड़ा बेहल छन ...२
जै राम जी की भै ! 
क्या हाल छन ..

अबरी दा दादा बादल फटी 
सड़की रोऊडी,पुल टूटी 
बरखा पौड़ी क्दगा मौरी 
क्दगा हर्ची बस उठी यख अर्थी 
दादा अपरू का बड़ा बुरा हल छन 
जै राम जी की भै ! 
क्या हाल छन ..

अंशुं ही बचे अंशुं दगड़
क्या करंण हमुल अगंण 
पीड़ा विपदा कु हहाकर च 
कालू गडद अंधारु ही साथ च 
दादा अपरू का बड़ा बुरा हल छन 
जै राम जी की भै ! 
क्या हाल छन 

कब क्ख्क मील्लू 
वो मदत को हाथ च 
अपरा भैर बिरण पास च 
ऐ गढ़ की पुराणी बात चा 
दादा अपरू का बड़ा बुरा हल छन 
जै राम जी की भै ! 
क्या हाल छन 

जै राम जी की भै ! 
क्या हाल छन ..२
औ जै राम जी की भै ! 
क्या हाल छन
हल यख बड़ा बेहल छन दादा 
हल बड़ा बेहल छन ...२
जै राम जी की भै ! 
क्या हाल छन ..

बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com
मै पूर्व प्रकाशीत हैं -सर्वाधिकार सुरक्षीत

बालकृष्ण डी ध्यानी
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