
पल्यों मी
माय से ज्यूड़यूँ मी
देवभूमी से पल्यों मी ..२
यखरा किले हिटू मी ..२
क्ख्क जाला बाथा दे
बाटा अब खोज्या दे ...२
अब णी मी हिट्लू ...२
दगडी का खेला ऐ
सदनी का गेल्या ऐ ..२
क्ख्क हर्ची गैनी ऐ ...२
विपदा ऐ मेरी च
खैणी मिल खैरी च ..२
मी अब समझो दे ..२
रौतेला मुल्क मेरु
रंगीलो मुल्की मेरा..२
कंन बिसरी गैन भुल्हा ..२
खुदा ऐजै णी दीदा
आंख भीग जांदी दीदा ..२
छोड़ो वो गड्देश मेरु वो गढ़वाल ..२
माय से ज्यूड़यूँ मी
देवभूमी से पल्यों मी ..२
यखरा किले हिटू मी ..२
एक उत्तराखंडी
बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com
मै पूर्व प्रकाशीत हैं -सर्वाधिकार सुरक्षीत
बालकृष्ण डी ध्यानी

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