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रहमत


रहमत

रहमत ये नूर का
आल्लाह तेरे द्वार

बरसता ही रहे सदा
तेरी रहमत गुलजार

धूनी रमाये राम की
मन समाधी लगाये श्याम की

कृपा करो मेरे
वो दयालु निधान

अनुकंपा की तेरी
बरसती रहे बरसात

तू ही राम तू ही रहीम
प्रभु सुन लो मेरी पुकार

एक उत्तराखंडी

बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com
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बालकृष्ण डी ध्यानी
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