म्यार पाहाड़ा
कंन भलू लगणू
म्यार पाहाड़ा
हरी बरी दांडी
देख तेड -मेड बाटा
यख पूतलूँ फूलों दगडी
गीत माया का लगाणा
किनगोड़ों को स्वाद
पीड़ा मेर बिसराण
पाड़ो को ठंडो मीठो पाणी
ऐजा तिस बुझाणा
खुद लगी होली तेथे
ऐजा काफल खाणा
यख ब्गणी गंगा
यख ही हिमाली छन
देब्तों को गौं च मेरु
पाड़ ये मेरु मुल्क च
गर्व च ये मेरु
और्री हम उत्तराखंडी छोंऊँ
कंन भलू लगणू
म्यार पाहाड़ा
हरी बरी दांडी
देख तेड -मेड बाटा
एक उत्तराखंडी
बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
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बालकृष्ण डी ध्यानी


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