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तेरा साथ


तेरा साथ

जब से
तेरा मेरा साथ है
तू ही दिन मेरी
तू ही रात है
सुखद सावन कि
अनछुई तू बरसात है
बसंत कि
बलखाती
मन मोहक
महकती बहार है
सात दिनों के
साथ साथ सात फेरे
लेकर साथ मेरे तू
गर्मी में से
तू ठंडी कि
मदमाती फुहार है
सात रंगो के
साथ रंग लेकर
आसमानी
इंद्रधनुष की तरह
मेरी धर्मपत्नी
मेरी सुबह
मेरी शाम
मेर कल मेरा आज
मेरा आने वाला कल
कि वो ही सरताज
मुझको उससे
अपने से ज्याद प्यार है
उस को बस
मेरा ख्याल है
जब से मिला
तेरा साथ

एक उत्तराखंडी

बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com
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बालकृष्ण डी ध्यानी
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