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छुँयालूं न दुन्या मा



श्री परशार गौड़ सर जी ने एक गीत का मुखडे गीत बनाने का प्रयास है

छुँयालूं न दुन्या मा

छुँयालूं न दुन्या मा
मैं बदनाम कयाली...2.
वींकी तस्वीर अब
मैंन सिराणा धैर्याली... ....2।

कख लगाण छविं वींकी
कै बाटा धार मिळ छोड्याळी
सिराणा धरि तस्वीर दगडी
वींकी मिन सारि बात बोल्याली
छुँयालूं न दुन्या मा
मैं बदनाम कयाली...2.

माया कु रंग मिल
विं दगडी अंफि रंग्याली
अपरी कुटमदरी सुप्निया
मेर सौजन्डया मिल देख्याली
छुँयालूं न दुन्या मा
मैं बदनाम कयाली...2.

यकुली देख देखिकी तेथे
मिल यूँ आंख्युं थे सेख्याली
ये मेर बुरंसा की डाली
झट बण जा तू अब मेर ब्योलि
छुँयालूं न दुन्या मा
मैं बदनाम कयाली...2.

एक उत्तराखंडी

बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
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बालकृष्ण डी ध्यानी
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