तेर धौंपेली चरखा मा
तेर धौंपेली चरखा मा
भिग गयुं माया बरखा मा
गाढ़, गधेरों, नौलों मा
आड़ू-बेड़ू-घिंघारू डालु तौला मा
छापडि धरि इन मोडमा
कनुलि जा बैथि कनुडी ज्वड मा
छोइ बांसी को पाणी यु
छोरी कन ऐगे ते ज्वानि यु
सियोनी रीती तेर मांगा ये
मंगदरी व्हाली मेरु ऊ साथ ये
बाबा अबेर ना कैर पिठ्याँ की
नथुली तौलि गे सोना की
सयाण बौल सैय कु
यकोलू ना जै तू डंडा कु
तेर धौंपेली चरखा मा
भिग गयुं माया बरखा मा
बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
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बालकृष्ण डी ध्यानी


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