ऐजा अपरा गुनियार मा
गौ का बाट हेरना छिन
बाट त्यारा देइली का
रुवाट ,भात,दाव खाणा ऐजा
ऐजा अपरा गुनियार मा
यख वख जख तख
सरया समासुम पसर्युं छा
उडियार मा लुक्युं बाघ
सौत जनि अब लग्न्युं छा
जिकुड़ी छुई सुणा ले
अब अपरी कनुडी उघड़ेकी
बोई बौबा हटगी टूटगे
गोरु भैन्सू अब हकिकी
तेरा झूठी सौ ऐकि की
हरैगो सारू खैना पाणी
त्यरछाँ उकाव चैडचैडी
पच्छाण बल्द ज्योड़ सी
एगदरी मोरी मा मेरु
यखुली ये उजियो अन्यार रे
भियो लागु हौळ राति मा
दुपारी गै घाम उकाल मा
बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
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बालकृष्ण डी ध्यानी


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