ADD

पर ये दोस्ती कुछ और है



पर ये दोस्ती कुछ और है

बिना पढ़े ही वो अब लिख देते हैं
दोस्ती का बस वो दम भर देते हैं
लाइक कमेंट्स का हाँ मैं मोहताज हूँ
शायद गरीब समझ झोली भर देते हैं

ध्यानी

बालकृष्ण डी ध्यानी
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