ऐजा जावा देकि ले ये हमरु पहाड़
ऐजा जावा देकि ले ये हमरु पहाड़
ये मेर नात नातिन ये मेरु कुमो-गढ़वाल
भला भला फूल खिलदिन हैंसदर लोक मिळदींन
ये मेरु पठार ऐजा जावा देकि ले ये मेरु सौंसार
मीठी मीठी खठी खठी यख चीज मिळाली
रोलोँ खौलों मा हिंसोलो किन्गोड़ों तेर जिब जबै चखेली
आवा मेरु देब्तों आवा तुम मेरा घार
चवलों हल्दुं कु टिका करलूं ये हमरु शिष्टचार
सुखी रावा जख भी रवा ये मेरो तुम थे पियारा
फिर तुम दगडी भेंट व्हाली अगली बरस ऐजावा मेरा पहाड़
बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
http://balkrishna-dhyani.blogspot.in/search/
http://www.merapahadforum.com/
में पूर्व प्रकाशित -सर्वाधिकार
बालकृष्ण डी ध्यानी


0 टिप्पणियाँ