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ओ पहली नजर सर र र र र .....

ओ पहली नजर सर र र र र .....

ओ पहली नजर का ओ असर
हल्की सी चुबन और ओ सररर ...
मदमत है हमको
एक नया विश्व दीखात है हम को
ओ पहली नजर का ओ असर ...

सब नया सा लगाने लगता
बरसात भी उनकी हर बात भी
दिन भी ये रात भी सुंदर लगते
बुरा भी अब आछह लगता है
ओ पहली नजर का ओ असर ...

यक यक सब कुछ बदल जाता
हल्का सा नशा दिल पे छाजाता
मीत मन मीत बन जाता है
मोसम भी अब देखों गीत गाता है
ओ पहली नजर का ओ असर ...

दिल का पपीहा पियु पियु रात दिन
अब उस को न किसी की धुन
ओ तू लगा है अब अपने सपने बुन
कैसे बीते उनके बीना ये पल छिन
ओ पहली नजर का ओ असर ...

ओ पहली नजर का ओ असर
हल्की सी चुबन और ओ सररर...
मदमत है हमको
एक नया विश्व दीखात है हम को
ओ पहली नजर का ओ असर ...

कवी बालकृष्ण डी ध्यानी
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