एक प्रयाश
गीतों को आपने ढलूँ कैसे
सात सरों एक साथ बंधो कैसे
दुनिया इतनी बड़ी है की
इन कडियों जोड़ों कैसे
दोडावों मै आपने सारे घोड़ों को
सबसे प्रेम का रिश्ता जोड़ों कैसे
बातों बातों मै बात निकली
बात ये दोर तक जाईगी
जायेगी दूर तक ठीक है
पर कहीं गुम ना हो जाये
मुख से निकले बोलों को
सार्थकता तक पहुँचों कैसे
बातों से बात आखर जाती
हम दम मेरे ये मेरे दोस्त
सब को एक माला मै पिरऊँ कैसे
जीवन का अर्थ समजाओं कैसे
माया मै फंसे मुशफिर हैं सभी
इन सभीओं को रह दिखाओ कैसे
गीतों को आपने ढलूँ कैसे
सात सरों एक साथ बंधो कैसे
गीतों को आपने ढलूँ कैसे
सात सरों एक साथ बंधो कैसे
दुनिया इतनी बड़ी है की
इन कडियों जोड़ों कैसे
दोडावों मै आपने सारे घोड़ों को
सबसे प्रेम का रिश्ता जोड़ों कैसे
बातों बातों मै बात निकली
बात ये दोर तक जाईगी
जायेगी दूर तक ठीक है
पर कहीं गुम ना हो जाये
मुख से निकले बोलों को
सार्थकता तक पहुँचों कैसे
बातों से बात आखर जाती
हम दम मेरे ये मेरे दोस्त
सब को एक माला मै पिरऊँ कैसे
जीवन का अर्थ समजाओं कैसे
माया मै फंसे मुशफिर हैं सभी
इन सभीओं को रह दिखाओ कैसे
गीतों को आपने ढलूँ कैसे
सात सरों एक साथ बंधो कैसे
कवी बालकृष्ण डी ध्यानी

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