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ये मेर बोई ..............


ये  मेर बोई ..............

ये मेरा बोई कखक तू  होली  
याद मा तेरी दोई अंशू मी धोली
आकाश मील आज  खोजी 
तेरी मुखडी  नी दीखे हे मेर बोई 
ये मेरा बोई तू कखक  होली .............. 

याद आणु मयारू  बालपन का दिन
कैसे कटा ये दिन बाबा  बीन 
दोयुई भूली  भुला और मील 
ओ कोयाडी की रात भूखी का दिन
याद मा तेरी दोई अंशू मी धोली............

बाबा फोंजा मा बोडर लधका  मा  
तू गों पाली हमरु  गड देश मा 
दोई गोड एक बुडी ढंगी
तील बोयी हरा नी मानी
ये मेरा बोई तू कखक  होली .............. 

खैरी का दिन मा उमली बरसता 
दिन रात तेरु हमुरु बाण छपलटत
तीसी तेरी गुअली भूकी तेरी  पोटी
आज मी पर आई बोई तब मील जाण
याद मा तेरी दोई अंशू मी धोली............

हमरु गड्वाला बोई मेरी रोनो च आज 
हमर घर की बात नी ये च हर घरे की बात 
गरीब देश मेरु पर बोई च महँन 
आज हर घर मा मेरी बोई बाबा च परदेश 
ये मेरा बोई तू कखक  होली .............. 

ये मेरा बोई कखक तू  होली  
याद मा तेरी दोई अंशू मी धोली
आकाश मील आज  खोजी 
तेरी मुखडी  नी दीखे हे मेर बोई 
ये मेरा बोई तू कखक  होली .............. 

बालकृष्ण डी ध्यानी 

देवभूमी बद्री केदारनाथ 


कवी बालकृष्ण डी ध्यानी
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