जीन्दगी परदेश की
उडते उडते ख्याल आया
ओ मेरे पास आया
जीने का अहसास लाया
मधु बन मेरे बहरा लाया
उडते उडते ख्याल आया
सुखी डाल को करार आया
चीट्ठी मै तेरा प्यारा आया
मेरे घर से मेरे लिये रैबार आया
माँ बपुँजी का आशीर्वाद लाया
ओ मेरे पास आया .........
सूनी आँखों को आराम आया
बच्चों का मेरे लाड आया
दीदी भूली का पैगाम आया
मेरे गवां का मुझे सलाम आया
ओ मेरे पास आया .........
हल्की परेशानी पेशानी मै छाई
उनको भी मेरी याद आयी
चेहरे पे झुरीयाँ उभर आयी
मुझ को भी उनकी याद आयी
ओ मेरे पास आया .........
दूर दूर का प्रेम था ये अनोखा
आखों नै आखों को कई दिन से ना देखा
तस्वीर उनकी बगल मै ले सोता
सपने मै ही अब उनसे भेंट होती
ओ मेरे पास आया .........
परदेश ये क्या मेरे संग ही होता
हर कोई यांह मेरी तरह ही जीता
जब कभी भी दोस्तों से घिरता
घर का ही किस्सा बैठक मै होता
ओ मेरे पास आया .........
उडते उडते ख्याल आया
ओ मेरे पास आया
जीने का अहसास लाया
मधु बन मेरे बहरा लाया
उडते उडते ख्याल आया
बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
कवी बालकृष्ण डी ध्यानी


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