कूड़ा दान
पिताजी नै मेरे मुझे
आपने हाथों फैंक दिया
एक कूडै मै..............
जैसे मेरा कर दिया कन्या दान
ना अपने दिल से लगाये
न नैनो को ही बहाये
ना कोई समाज था
ना कोई आस पास था
जैसे मेरा कर दिया कन्या दान
ना ही फैरे हुये
ना ही दुल्हन बनी
ना ही मंगल सूत्र
साथ मेरी विदाई होई
जैसे मेरा कर दिया कन्या दान
अभी तू कुछ पल
पहले ही तू मै आयी थी
मेरे आने से देखा
ना कीसी नै बांटी मिठाई थी
जैसे मेरा कर दिया कन्या दान
दो पल मै माँ नै
कर दिया पराया
नोंअ माह आपने
गर्भ मै जीसने पाला था
जैसे मेरा कर दिया कन्या दान
उस का भी कलेजा कैसे फटा नहीं
अंतर मन मै क्यों रुदन होवा नहीं
चीख ती रही मै चीलती रही मै माँ
फिर भी तुझ को आयी माँ दया नहीं
जैसे मेरा कर दिया कन्या दान
तेरी दूध की धार का अब कर्ज नहीं
जवोंगी इस संसार अब मेरा फ़र्ज़ नहीं
जाके पुहचुंगी खुदा से उस के दर पर
क्या तेरे दरबार मै भी नारी को जगह नहीं
जैसे मेरा कर दिया कन्या दान
एक कचरा बन पडी हो मै
लगत है दो चार घड़ी बची हों मै
होंगी मै रुक्सत दुनिया से
अगर मै ही ना तू कैसा ये जंह
पिताजी नै मेरे मुझे
आपने हाथों फैंक दिया
एक कूडै मै..............
जैसे मेरा कर दिया कन्या दान
बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com
मै पूर्व प्रकाशीत हैं -सर्वाधिकार सुरक्षीत
कवी बालकृष्ण डी ध्यानी


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