
पहली नजर
नजरों से नजरें मिली
दिल ने …. कुछा कहा हो..अ ....
कहा क्या मैंने सनम
क्या …तुम ने …. कुछ सुना लिया
नजरों से नजरें मिली …..२
हो..अ …छाया कैसा खुमार है
आयी है .. ये बहार पहली बार …२
हो ..अ …मुझको ना मुझ पर इखतीहर है
तुम ही कहो अब क्या होआ मुझको यार है
नजरों से नजरें मिली …..२
भीगी भीगी से भीगने लगी हों
ज्वाला सी अब जलने लगी हूँ …2
आया मुझ पर यूँ ये निखार
सोलवाँ सावन का चड़ा है बुखार
नजरों से नजरें मिली …..२
धडकता धड़कन के साथ साथ
आज कैसा नया सा है अहसास …2
मीठी मीठी सी चुबन जगने लगी है
ऋतू मेरे संग सजने ...लगी है
नजरों से नजरें मिली …..२
नजरों से नजरें मिली
दिल ने …. कुछा कहा हो..अ ....
कहा क्या मैंने सनम
क्या …तुम ने …. कुछ सुना लिया
नजरों से नजरें मिली …..२
एक उत्तराखंडी
बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com
मै पूर्व प्रकाशीत हैं -सर्वाधिकार सुरक्षीत
बालकृष्ण डी ध्यानी

0 टिप्पणियाँ