
छो छामा बल बौं रमा
चौक मा गाम मा
बौं गीजी हर बगत काम मा
छो छामा बल बौं रमा
रिंगा रिंगा बल मार धींगा
बौं रमा दिख जाली
दूर भतेक धाये ओंकी ऐकीं आली
छो छामा बल बौं रमा
रिंगा रिंगा बल मार धींगा
छनी मा गुलेंण
रमा बौं दिखे जाली भुला भूली सुलेण मा
छो छामा बल बौं रमा
रिंगा रिंगा बल मार धींगा
चुल्हा का जलेण मा
रमा बौं दिखे जाली भांडी घंडी धुलेंण
छो छामा बल बौं रमा
रिंगा रिंगा बल मार धींगा
पंतेद्र मा स्यारी मा घासा को जाणी मा
रमा बौं दिखे जाली खेत खलीयाण मा
छो छामा बल बौं रमा
रिंगा रिंगा बल मार धींगा
चौक मा गाम मा
बों गीजी हर बगत काम मा
छो छामा बल बौं रमा
रिंगा रिंगा बल मार धींगा
एक उत्तराखंडी
बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com
मै पूर्व प्रकाशीत हैं -सर्वाधिकार सुरक्षीत
बालकृष्ण डी ध्यानी

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