
अब ऐजा दीदा
देर सबैर व्है जाली
पर सबैर हूँन चैन्द दीदा
रात नी व्हैल त नी व्हैल
पर सबैर हूँन चैन्द दीदा
गढ़ देश म्यार माया देशा मा रै दीदा
सुण ले ऐ दीदा रै ध्यानी मणी
पर सबैर हूँन चैन्द दीदा
उजाडो पड़ायूँ पहाड़ा ऐ डंडा ऐ कंठ
हरयालू को बाटा ऐ जोणों रै दीदा
कुछ ना कुछ तै यूँ थै हरयालू दै जा
डंडा कंठी का गीत फिर कु लागेला जो खो जाला रै दीदा
गढ़ देश म्यार माया देशा मा रै दीदा
सुण ले ऐ दीदा रै ध्यानी मणी
पर सबैर हूँन चैन्द दीदा
देखा कूड़ा गों चौक कख्क गै यूँ थै झोंक
अपरी अपरी मा लगी तू क्या तिल पै क्या खोवै रै दीदा
अब भी कोई बाट हेरणु जी जयुकेरणु
वो आँखों का आंसू थै रै दीदा थामे आ
गढ़ देश म्यार माया देशा मा रै दीदा
सुण ले ऐ दीदा रै ध्यानी मणी
पर सबैर हूँन चैन्द दीदा
पुंगडा वो बलीयुला झूम दी सारी
वो गद्नी वो घस्यरी गीतों गूंज दी घाटी रै दीदा
वो तेरु बलदा गोउडा बकरा बंसरी की धुन लगे बौडी आ
तै देश बुलाणु अपरू हर एक बुलाणु ऐजा ईजा खतिर अब ऐजा
गढ़ देश म्यार माया देशा मा रै दीदा
सुण ले ऐ दीदा रै ध्यानी मणी
पर सबैर हूँन चैन्द दीदा
एक उत्तराखंडी
बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com
मै पूर्व प्रकाशीत हैं -सर्वाधिकार सुरक्षीत
बालकृष्ण डी ध्यानी

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