
हा हा हा रो दिया ....
चलो आज हँसें बहुत रो लिया
आंख के मोती बहुत खो लिया
रोना नही जिन्दगी है कहा किसी ने
बत्तीसी दिखा कर आज मै भी हँस दिया
रोना था गम हल्का करना था
हाँ हँसकर मैंने आंसूं छुपो दिया
दिल के जख्म को हँसी में भीगो दिया
ठहाका लगा ठसक लगने के बाद
बत्तीसी दिखा कर आज मै भी हँस दिया
कहते है सभी मै ग़मगीन हूँ
मै अपने आप से बहुत ही संगीन हूँ
पेड़ पर कोई चड़ा और उतर गया
देखा वो हँसी का मौखोटा भी उतर गया
बत्तीसी दिखा कर आज मै भी हँस दिया
कोशिश की थी मैंने ना छोडी कसर
हँसी का भी ना हुआ मुझ पर असर
वेग से दौडा दुःख का घोड़ा अग्रसर
हँसी छुपी रही मेरी आंख को छोड़कर
बत्तीसी दिखा कर आज मै भी हँस दिया
चलो आज हँसें बहुत रो लिया
आंख के मोती बहुत खो लिया
रोना नही जिन्दगी है कहा किसी ने
बत्तीसी दिखा कर आज मै भी हँस दिया
एक उत्तराखंडी
बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com
मै पूर्व प्रकाशीत हैं -सर्वाधिकार सुरक्षीत
बालकृष्ण डी ध्यानी

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