
रित किले संस्कर्ती कैन
आपरा थै वो च खोज्याणु
यकुलू ही वो गीत ल्गाणु
रित कनी गीत लगाण भुल्हों
संस्कर्ती कनी गीत लगाणी ...२
एक एक छोडीकी हम थै जाणा
ढोल दामू कैल किले बजांण
रित कनी गीत लगाण भुल्हों
संस्कर्ती कनी गीत लगाणी ...२
अब लगला पौप अब लगला डिस्को
अब छोपाटी,बसंती,झुमेला कैन किले झुमेला
रित कनी गीत लगाण भुल्हों
संस्कर्ती कनी गीत लगाणी ...२
बाजुबंद,खुदेद,छुरा गीत भूली सबू यख
लांगविर नुल्या,बरादा नटि, पान्डव नृत्य धुरिंग कैन किले नचण
रित कनी गीत लगाण भुल्हों
संस्कर्ती कनी गीत लगाणी ...२
संस्कर्ती को ईणी हास देखी रोई
लोक संगीत,लोक नृत्य कैल सुणन कैल लगाण
रित कनी गीत लगाण भुल्हों
संस्कर्ती कनी गीत लगाणी ...२
आपरा थै वो च खोज्याणु
यकुलू ही वो गीत ल्गाणु
रित कनी गीत लगाण भुल्हों
संस्कर्ती कनी गीत लगाणी ...२
एक उत्तराखंडी
बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com
मै पूर्व प्रकाशीत हैं -सर्वाधिकार सुरक्षीत
बालकृष्ण डी ध्यानी

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