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कया हौंदी खैरी



कया हौंदी खैरी

मिलणी जाणी खैरी कया हौंदी
बिपदा घोडी कंन कै खोचैन्दी ..२
जीयु की दगड़ी*(ऐ रै दगड़ाया) ...२
जीयु की दगड़ी
खीच ले दी तू थोड़ी थोड़ी
खीच ले दी ...तू थोड़ी थोड़ी(ऐ रै दगड़ाया) ...२

भूखी रैगे पोटगी , कपड़ों मा थ्ग्ल्यों की जोड़ी
बंजा बंजा धरणी कु धारा
प्याजे के थेंची लूना की चटणी
कुओदो को रोटो कु माया कू घास
रुख सुख मा कया स्वादा तू भी ऐजा भैजी

मिलणी जाणी खैरी कया हौंदी
बिपदा घोडी कंन कै खोचैन्दी ..२
जीयु की दगड़ी*(ऐ रै दगड़ाया) ...२
जीयु की दगड़ी
खीच ले दी तू थोड़ी थोड़ी
खीच ले दी ...तू थोड़ी थोड़ी(ऐ रै दगड़ाया) ...२

अजाण छों मी जंणदू ना पछाण मेरी पछण दू ना
सीखेसरी की यख सरीमा
फसेंण दूँ भी पर फसेंण दूँ ना
लाटा छों मी गड्देश कू
सैन सब बस्याँ परदेश मा

मिलणी जाणी खैरी कया हौंदी
बिपदा घोडी कंन कै खोचैन्दी ..२
जीयु की दगड़ी*(ऐ रै दगड़ाया) ...२
जीयु की दगड़ी
खीच ले दी तू थोड़ी थोड़ी
खीच ले दी ...तू थोड़ी थोड़ी(ऐ रै दगड़ाया) ...२

एक उत्तराखंडी

बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com
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बालकृष्ण डी ध्यानी
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