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बस


बस

कया छे रै ईं दुनिया मा
बस
स्वास दोई घड़ी कू

ना क्वी रिश्ता
ना क्वी अपरा
दगड च
बस दोई घड़ी कू

कया छे रै ईं दुनिया मा
बस
स्वास दोई घड़ी कू

तिल नी माणा
तिल नी जाण
कया दडयूँ
भेद ईं जिंदगी कू

कया छे रै ईं दुनिया मा
बस
स्वास दोई घड़ी कू

आंदी रैंदी
वा जांदी रैंदी
कया ले आंदी
कया वा दे जांदी

कया छे रै ईं दुनिया मा
बस
स्वास दोई घड़ी कू

बस
स्वास दोई घड़ी कू

बस
स्वास दोई घड़ी कू

एक उत्तराखंडी

बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com
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बालकृष्ण डी ध्यानी
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