प्रभु मेरे
मै अगर भूल भी जाऊं
प्रभु मेरे तुम मुझे ना भूल जाना
बैठा हूँ उस अँधेरे में
तुम प्रकाश दीप जरुर जलाना
गर ना आ पाऊं मै पथ पे तेरे
तू आ जाना उस पथ पर मेरे
ले जाना मुझ को मुझ से
ऐसी एक दिव्या ज्योत जलाना
रह ना पाये मन मेरा ,मेरा तब
बस तब सब कुछ तेरा हो जाये
मै अगर भूल भी जाऊं
प्रभु मेरे तुम मुझे ना भूल जाना
एक उत्तराखंडी
बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
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बालकृष्ण डी ध्यानी


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