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आ जा रे


आ जा रे

ओ आज तो होगा
ओ आज तो होगा
ओ आज तो होगा

होने लगा क्यों क्या इस मन को आज रे
आया कँहा से ये पल आज रे
ओ आज तो होगा
ओ आज तो होगा

याद तुझे याद तुझे आती होगी होगी याद तुझे आती .....ओ
साथ तेरे जो मेरे साथ सजे ओ...साथ सजे ओ

सारे हम से रूठे वो रूठा जंहा
हर पत्ते पत्ते ने अब ये ही कहा रे

ओ आज तो होगा
ओ आज तो होगा
ओ आज तो होगा

नि रे ,रे रे गा
गा गा मा
मा मा पा
पा मा गा रे सा
सा रे रे सा
गा गा रे
मा मा गा
पा पा मा
धा धा पा
नि नि सा सा पा
पा सा मा पा धा नि सा नि
रे नि सा सा सा .. . . . .

चुप चाप रहे गुम सुम रहे
तू मेरी जान रे क्यों मेरी जान रे
दिल चाहे दिल मांगे बस तेरी हाँ रे

चलना है मुझको अब तेरे साथ रे
सात जन्मो का बंधन क्यों छोड़ चला रे

ओ आज तो होगा
ओ आज तो होगा
ओ आज
अब तो आजा......

अरे अब तो आ जा

आज में खोजों तुझको कंहा कंहा रे
चलती रहे सांस ये चलती रहे सांस रे
लगता है अपनों में मैंने
ना तुझको ढूंढ वंहा रे
ले चल मुझे वंहा रे
जंहा तुम बैठी हो जंहा रे
वो मेरे खुदा रे

आ जा रे

ओ आज तो होगा
ओ आज तो होगा
ओ आज तो होगा
ओ आज तो होगा
ओ आज तो होगा

एक उत्तराखंडी

बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com
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बालकृष्ण डी ध्यानी
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