गीत
मैंने लिखा गीत
बस तेरे नाम का
बज उठा मधुर संगीत
अब तो संसार का
शब्दों शब्दों में
राग घुला है प्रेम का
भेद खोल रही है सरगम
अपने छुपे प्रीत का
तराना है गूंजा
सातों तालों आसमानों पर
अधरों के कोपलों से फूटा
लिखा गीत जो तेरे नाम का
मैंने लिखा गीत
बस तेरे नाम का
बज उठा मधुर संगीत
अब तो संसार का
एक उत्तराखंडी
बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
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बालकृष्ण डी ध्यानी


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