.अलविदा साल २०१३
नया क्या है सब तो यंहा पर पुराना है
आता जाता बस ये साल तो दीवाना है
एक को छोड़ कर दूजे को अपनान है
नया क्या है सब तो यंहा पर पुराना है .....
बिता दिन बिता यंहा बिता गुजरा साल
एक को जाते देखा मैंने एक का किया इंतजार
बोलो हर दिन वो ,हर साल क्या किया तुम ने
नया क्या है सब तो यंहा पर पुराना है …
मिले या ना मिले जो भी खुश रहो यंहा यार
जिंदगी का है ये फसाना बस बचे दिन चार
गुजर जाये ये सफर यूँ ही गाकर तराने यार
नया क्या है सब तो यंहा पर पुराना है …
अलविदा साल अब तू हुआ है पुराना
नये साल को मुबारक आगाज का बहाना
दुःख सुख जो मिले मिलकर हमे बिताना
नया क्या है सब तो यंहा पर पुराना है …
नया क्या है सब तो यंहा पर पुराना है
आता जाता बस ये साल तो दीवाना है
एक को छोड़ कर दूजे को अपनान है
नया क्या है सब तो यंहा पर पुराना है …।
एक उत्तराखंडी
बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com
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बालकृष्ण डी ध्यानी


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