मकान मेरा
वो मकान मेरा
वो मकान मेरा
वो मकान मेरा
जिंदगी कि ......
जिंदगी कि वो तलाश में मेरा
जिंदगी कि वो तलाश में मेरा
छूटे क़दमों कि खोज गवाह वो मेरा
वो सरगाह मेरा
वो मकान मेरा
वो..... अ मकान मेरा
कुछ पल थमी.....
कुछ पल थमी वो थोड़ी सी जो जमीं थी
कुछ पल थमी वो थोड़ी सी जो जमीं थी
यादों का वो बजार मेरा
वो रहबर मेरा
वो मकान मेरा
वो..... अ मकान मेरा
वो अकेला था...
वो अकेला था... वो अकेला ही रहा
वो अकेला था... वो अकेला ही रहा
अपनों को साथ साथ ले के
वो एक ऐसा परिवार मेरा
वो मकान मेरा
वो..... अ मकान मेरा
आज वो उजाड़ पड़ा.....
आज वो उजाड़ पड़ा घास फूस से भरा
आज वो उजाड़ पड़ा घास फूस से भरा
वो दे रहा है अब भी
वो पीछे सुख का हिसाब मेरा
वो मकान मेरा
वो..... अ मकान मेरा
एक उत्तराखंडी
बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com
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बालकृष्ण डी ध्यानी


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