तेरे प्यार में
टूटे फूटे वो
अक्षर पड़े मेरे
आओ जोड़ लो
करती हैं बातें
अब भी मुलकातें
वो यादें तेरी
जोड़ कर रखा
बिखरा जो पड़ा
संवारा था कभी
अब भी बैठ
तेरे इन्तजार मै
तू आयेगी यंही
कितने जमाने गये
हम दीवाने रहे
तेरे प्यार में
एक उत्तराखंडी
बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
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बालकृष्ण डी ध्यानी


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