सुख-दुःख
सुख-दुःख
आणा जाणा राला
गित गितेर लगाणा राला
सुख-दुःख
आणा जाणा राला
भौळ कि वा पीड़ा-खैरी
ब्याल जों बिती अपरि मा
अब नि लगनि वा गैरी
सुख-दुःख
आणा जाणा राला
देर-अबैेर हुन्द रैंदु जी
बगता कि च ई फेरी
अग्ने पिछ्ने लंगी रंगा
किरमुला विं गुड़ा कि ढेली
सुख-दुःख
आणा जाणा राला
हरी कि दुनिया च
हरी ही अब दयाखळा
सब कुच दे दे हरी मा
तेर विपदा कु थौलू
सुख-दुःख
आणा जाणा राला
एक उत्तराखंडी
बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com
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बालकृष्ण डी ध्यानी


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