फगुनु की ऐ ब्यार मा
डंडी कंठी रंगी गैनी
फगुनु की ऐ ब्यार मा
बैठी हुली माजी मेरी यखुली
हेर मन कु अपरू ओढ़यार मा
किरीमची केसरी रंग
लटपुट व्हैगे ग्लोडी घार घार मा
भिजी भिजी ग्याई
म्यारु मुल्क पाणी बौछार मा
भंगा की पकोड़ी
तलै गैई बौडी का खांद मा
तुण्ड वहैगैई बौड़ा रंगमत
खै पकोड़ी जलेबी साथ मा
गीतों की बार लगी च
डंडली चौक ढोल दामो साथ मा
मस्त वहै की ऐग्याई
फागुन अपरा पहाड़ मा ……२
तू बी ऐ जा ऐजा
भिजणा कु होली की उल्यार मा
देक बाटू हेरनी माजी
अब त ऐजा अपरा घार मा
एक उत्तराखंडी
बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
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बालकृष्ण डी ध्यानी


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