बल अ बगता कु खेल च
बल अ बगता कु खेल च
वै दगडी ही लगि अपरी रेस चा
बल बगता कु खेल च …… २
अटकगदी रैगे सदनी इनि
ये जियु थे झटकदी रैगे सदनी इनि
ना जुडी अब तक कन यु मेल छ
गैल्या कैल मण्ड्यूं व्हालु ये खेल चा
कैल जित्न यख कैल हरन
वै मा ही दडयूं सारू भेद चा
बल बगता कु खेल च …… २
समझी ना स्की मिल
ना कैथे मिल यख समझै ही पाई
चक्रचाल करम गति थे बल
कैल बी यख ना पछाण पाई
ऐंदी रैगे बल सुक दुक ऊ जैंदी रैगे
गद्नि का वेग जनि ऊ बोगदी रैगे
एक उत्तराखंडी
बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
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बालकृष्ण डी ध्यानी


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