उत्तराखंड शहीद औरि मि
१
पितरों मेरा इष्टों
किले कना तुम जग्वाल
ऐग्युं तुम्हरा ठों मा
व्हैगियूं नत मी आज
रखी किरपा हम परी
हम बी हिटा तुमारा बाटों
देकि तुम्हरु स्मारक
पेटगे फिर वो ज्योत
२
पितरों मेरा इष्टों
किले कना तुम जग्वाल
किले आप शहीद हुंया
उत्तरखंड जस तस आज
नि बनी हमरी राजधानी
बांटी बांटीगै तुमर बिचार
चुप चाप ये देखदा देखदा
आज खून खोलण हुल तुमार
३
पितरों मेरा इष्टों
किले कना तुम जग्वाल
आस च हुलु तुम थे बी
ऐलु क्वी यख तुम जण
बोललु हिकमत दगडी
ये उत्तराखंड पहाड़े सजालु
प्रगति का ये सुंदर बाटा
क्वी तर हम्थे हिटालू
४
पितरों मेरा इष्टों
किले कना तुम जग्वाल
क्वी नि जगलु कैथे
सब का सब यख सियां
कुछ नि कर सकदा क्वी
बिरौल जनि सब भ्ग्याँ
खाली हुन लग्युं तुमरु गढ़
भैरेदेश मजबूत बाट बण्यां
एक उत्तराखंडी
बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
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