अब बी खोज्नु छों मि
अब बी खोज्नु छों मि
म्यारा हर्ची
केदारा बाबा त्यारा दयाल मा
कख तू ऊँ थे बोगी लेगे तू
कख लगे तू
ऊँ थे अपरा साथ मा
अब बी मेरु बिस्वास ना मोरी
अब बी जणू मी दौड़ी
दौड़ी की त्यारा दयाल मा
तू ओंथे मिललु मैसे
ना मिला सकै मैसे
मी थे बी बोगे दे ऊ धार मा
दोई घड़ी तू ऐक ले
मेरु देबता ध्यान धैरी, ना ऐ फिर
इन घड़ी त्यारा दयाल मा
अब बी खोज्नु छों मि ……...
एक उत्तराखंडी
बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
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बालकृष्ण डी ध्यानी


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