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मेर आस ऐजा




मेर आस ऐजा

मेर आस ऐजा
ले की रंग यूँ अँखियुं मा
चल हिट ऐजा तू मेरा पहाड़ों मा
नयै सुप्निया सजै की
अपरा बणीकी ऐजा तू अ अ
मेरा पहाड़ों मा
इन उजाड़ों मा

मिल जाली तिथे
देके जाली तिथे बोई मेरी
बैठी हुली खोई खोई
बिसरी हुली खुद मा मेरा
अपरे थे बिसरी की
तेर खतमदरी लग जाली
चल हिट ऐजा
तू मेरा पहाड़ों मा

वख भत्ते दूर गौं मेरु
ते थे दिक जालु ऊ ते थे बुलालु
मया लगालु ये आणा जाणा वाला बाटा
मेर हीटे की गवैई द्याला
मिसे और्री म्यारुं से ते मिलाल
चल हिट ऐजा
तू मेरा पहाड़ों मा

पैली जनि नि देकेलु ते थे
ढुंगा गार थे जब तू वखा का से मिललु
अपरा इतिहास हास कथा ऊ लागलु
तेर हमारा इष्टों से भेंट ऊ घडला
अब और तब मा ते थे फरक समझला
चल हिट ऐजा
तू मेरा पहाड़ों मा

देक म्यारु म्यारों का हल देकि की
ना इन तेरा अँखियुं का आंसूं चुला
छुच तू मेर मेरा अपरून की हिकमत बंधा
आसा जगा वैथे ज्वाला बना
मेरा सारू पहाड़ मा ये मशाल पेटा
चल हिट ऐजा
तू मेरा पहाड़ों मा

एक उत्तराखंडी

बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
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बालकृष्ण डी ध्यानी
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